स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (SBM-G) के अंतर्गत भारत के ग्रामीण स्वच्छता क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसमें खुले में शौच से मुक्त (ODF) परिणामों को बनाए रखने और गाँवों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) प्रणालियों को सुदृढ़ करने पर बहुत ज़ोर है। जैसे-जैसे ग्रामीण समुदायों का प्रभावी विकास हो रहा है, वैसे-वैसे घरेलू गतिविधियों से उत्पन्न तरल अपशिष्ट की मात्रा भी बढ़ रही है। इस बढ़ती चुनौती के समाधान हेतु ऐसे विकेंद्रीकृत, किफायती, टिकाऊ एवं तकनीकी रूप से उपयुक्त तरल अपशिष्ट प्रबंधन (Liquid Waste Management) समाधान आवश्यक हैं, जिन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में सरलता से लागू, संचालित एवं अनुरक्षित किया जा सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विभिन्न उपचार प्रौद्योगिकियाँ एवं प्रबंधन मॉडल उपलब्ध हैं। तथापि, ग्राम पंचायतों, कार्यान्वयन एजेंसियों तथा संबंधित विभागों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त प्रौद्योगिकी के चयन, तकनीकी डिज़ाइन तैयार करने, लागत का आकलन करने तथा प्रभावी परियोजना योजना बनाने में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, मानकीकृत तकनीकी डिज़ाइन, प्रौद्योगिकी विकल्पों एवं कार्यान्वयन-उन्मुख तकनीकी संसाधनों की सहज उपलब्धता के अभाव में तरल अपशिष्ट प्रबंधन परिसंपत्तियों की योजना, निर्माण एवं प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
उपरोक्त चुनौतियों के समाधान तथा ग्रामीण परिवेश में तरल अपशिष्ट (Liquid waste Management) प्रबंधन प्रणालियों की प्रभावी योजना, डिज़ाइन एवं कार्यान्वयन में राज्यों, ज़िलों, ब्लॉकों, ग्राम पंचायतों तथा अन्य कार्यान्वयन एजेंसियों को तकनीकी सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से WASH Institute द्वारा यह समर्पित वेब-आधारित तरल अपशिष्ट प्रबंधन पोर्टल विकसित किया गया है।
यह पोर्टल स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अपनाई जाने वाली उपयुक्त उपचार तकनीकों एवं प्रबंधन प्रणालियों का एक व्यापक तकनीकी संग्रह उपलब्ध कराता है। इसमें सोक पिट, लीच पिट, अपशिष्ट स्थिरीकरण तालाब (Waste Stabilization Ponds), विकेन्द्रीकृत अपशिष्ट जल उपचार प्रणाली (DEWATS), नाली-छोर उपचार प्रणालियाँ (Drain-End Treatment Systems), सह-उपचार (Co-treatment), मल अपशिष्ट उपचार संयंत्र (FSTP) एवं मात्रा अनुमान (BoQ) तथा ग्रामीण परिस्थितियों के अनुरूप अन्य विकेन्द्रीकृत उपयोग किए गए तरल प्रबंधन समाधान शामिल हैं।
पोर्टल पर उपलब्ध सभी तकनीकी संसाधन अनुभवी विषय विशेषज्ञों द्वारा CPHEEO के प्रासंगिक दिशा-निर्देशों, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के परिचालन दिशा-निर्देशों तथा क्षेत्र में स्थापित सर्वोत्तम प्रथाओं (Best Practices) के अनुरूप तैयार किए गए हैं।
पोर्टल में सम्मिलित उपचार तकनीकों एवं प्रबंधन प्रणालियों का विभिन्न राज्यों एवं ग्राम पंचायतों में सफलतापूर्वक कार्यान्वयन किया जा चुका है। इन अनुभवों के आधार पर उनकी तकनीकी व्यवहार्यता, प्रभावशीलता, विस्तार की क्षमता (Scalability) तथा विभिन्न ग्रामीण भौगोलिक एवं सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों में उपयुक्तता प्रमाणित हुई है। इससे राज्य, जिला, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित योजनाओं के प्रभावी, टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन में सहायता मिलती है।
मानकीकृत तकनीकी डिज़ाइन, कार्यान्वयन दिशा-निर्देश एवं अन्य तकनीकी संसाधनों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराकर, साथ ही, यह तकनीकी प्रयासों की पुनरावृत्ति को कम करने, परियोजनाओं के डिज़ाइन एवं कार्यान्वयन की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उद्देश्यों के अनुरूप सुरक्षित, प्रभावी एवं टिकाऊ तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों को देशभर में अपनाने और उनके विस्तार को गति प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।
यह पोर्टल केवल एक स्थिर तकनीकी संसाधन संग्रह न होकर, तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक गतिशील एवं निरंतर विकसित होने वाले ज्ञान एवं तकनीकी निर्णय-सहायता मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है।
यह पोर्टल सरकारी विभागों, तकनीकी संस्थानों, विकास भागीदारों एवं क्षेत्रीय विशेषज्ञों के सहयोग और योगदान से समय-समय पर समृद्ध एवं अद्यतन किया जाता रहेगा। भविष्य में इसमें राज्य-विशिष्ट अनुसूचित दरें (Schedule of Rates), GIS-आधारित योजना एवं स्थल चयन सहायता, सफल कार्यान्वयन के अध्ययन (Case Studies), संचालन एवं अनुरक्षण (Operation & Maintenance) संबंधी मार्गदर्शन, तथा वास्तविक समय (Real-Time) लागत आकलन जैसे उन्नत उपकरण सम्मिलित किए जाएंगे। इन सुविधाओं से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत तरल अपशिष्ट प्रबंधन की योजना, डिज़ाइन, कार्यान्वयन तथा दीर्घकालिक संचालन को और अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं टिकाऊ बनाने में सहायता मिलेगी।